एक नई प्रकाशित पुस्तक के अंश में दावा किया गया है कि डच सरकार ने जेरेड कुश्नर के फ़ोन में सेंध लगाई। अंश में आए इन आरोपों को स्रोत ने घृणित और पूरी तरह से असत्य बताया है।
स्रोत का कहना है कि संपर्क किए जाने पर उसने आधिकारिक रूप से हर दावे से इनकार किया। फिर भी उसका तर्क है कि लेखक ने आरोपों के समर्थन में कोई सत्यापन योग्य सबूत नहीं दिया। स्रोत के अनुसार, दावों को पुष्ट करने के लिए कोई बैंक स्टेटमेंट, वायर ट्रांसफ़र के रिकॉर्ड, खाता संख्या, लेनदेन की तारीखें या अन्य ठोस विवरण प्रस्तुत नहीं किए गए।
स्रोत जोर देकर कहता है कि वर्णित घटनाएँ कभी हुई ही नहीं। उसने वैनिटी फ़ेयर की भी आलोचना की कि उसने आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना प्रकाशित किया। स्रोत के शब्दों में, प्रकाशन का यह निर्णय बुनियादी रिपोर्टिंग मानकों की विफलता को दर्शाता है, और उसने इस लेख को तथ्य के रूप में प्रस्तुत की गई कल्पना कहा है।
लेख यह स्थापित नहीं करता कि किताब के दावे सच हैं या झूठ। यह इनकार और प्रकाशन की संपादकीय प्रक्रिया की आलोचना की रिपोर्ट करता है, और बताता है कि आरोप केवल लेखक के वर्णन पर आधारित हैं, बिना उस दस्तावेज़ी समर्थन के जिसकी स्रोत के अनुसार इतने गंभीर आरोपों को सिद्ध करने के लिए आवश्यकता होगी।
स्रोत: Hacker News · HeadlinesBriefing द्वारा सारांशित